UPSSSC राजस्व लेखपाल मुख्य परीक्षा 2025। कट-ऑफ विश्लेषण और भविष्य की राह
प्रस्तावना उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ‘लेखपाल’ का पद हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। ग्रामीण विकास की रीढ़ माने जाने वाले इस पद के लिए UPSSSC ने हाल ही में मुख्य परीक्षा के कट-ऑफ अंक जारी किए हैं। कुल 7,994 पदों के लिए आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को सर्वोपरि रखा गया है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, श्रेणीवार कट-ऑफ अंकों ने इस बार कड़ी प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा किया है।कट-ऑफ अंकों का विस्तृत विश्लेषणइस वर्ष के कट-ऑफ अंक दर्शाते हैं कि छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा रहा है।
सामान्य वर्ग (Unreserved) के लिए 83.25 अंकों का कट-ऑफ यह बताता है कि केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र ही अंतिम चयन के करीब पहुँच पाए हैं।
1. मुख्य श्रेणियां (Vertical Reservation)
अनारक्षित (General): 83.25 – यह इस बात का प्रमाण है कि मुख्य परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों ने कड़ी मेहनत की थी।
OBC और EWS: 81.25 – दिलचस्प बात यह है कि अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कट-ऑफ अंक समान रहे हैं, जो पिछले कुछ वर्षों से एक सामान्य प्रवृत्ति बनती जा रही है।
SC/ST: अनुसूचित जाति (76.25) और अनुसूचित जनजाति (70.50) के कट-ऑफ भी उनकी जनसंख्या और आरक्षण नीति के अनुरूप संतुलित रखे गए हैं।
2. क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation)
महिलाओं के लिए 79.25 का कट-ऑफ यह दर्शाता है कि प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी और रुचि बढ़ रही है। वहीं दिव्यांगजनों (51.25) और भूतपूर्व सैनिकों (67.00) के लिए भी अवसर सुरक्षित किए गए हैं।
लेखपाल पद की भूमिका और उत्तरदायित्व
एक लेखपाल केवल एक सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भूमि प्रबंधन का संरक्षक होता है। उनके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
भूमि रिकॉर्ड का रखरखाव: खसरा, खतौनी और मानचित्र (Map) को अपडेट रखना।
सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन: सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं (जैसे ‘पीएम किसान’ या राज्य स्तरीय योजनाएं) का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाना। शान द्वारा जारी हर योजना का कार्यान्वयन धरातल पर लेखपाल द्वारा ही किया जाता है
राजस्व वसूली: भू-राजस्व और अन्य सरकारी देयों की वसूली में सहायता करना।
आपदा प्रबंधन: बाढ़, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय नुकसान का आकलन करना और मुआवजे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना।
जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र: ग्रामीणों के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जांच और रिपोर्ट तैयार करना।सफलता के बाद की प्रक्रिया: दस्तावेज सत्यापन (DV)कट-ऑफ अंक पार करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अगला और सबसे महत्वपूर्ण चरण दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) है। इस चरण में अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल प्रमाणपत्रों की सत्यता सिद्ध करनी होगी।
आवश्यक दस्तावेज: शैक्षिक योग्यता (10वीं, 12वीं, स्नातक), PET स्कोरकार्ड, मुख्य परीक्षा का एडमिट कार्ड, आरक्षण संबंधी प्रमाणपत्र (जाति, निवास, EWS), और पहचान पत्र।
सावधानी: अक्सर अभ्यर्थी छोटी-मोटी त्रुटियों के कारण बाहर हो जाते हैं। इसलिए, नाम की स्पेलिंग और तारीखों का मिलान पहले ही कर लेना चाहिए।तैयारी और चुनौतियों का सामनाUPSSSC लेखपाल की यह भर्ती परीक्षा कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रही।
PET (Preliminary Eligibility Test) के माध्यम से छंटनी होने के बाद केवल क्रीम अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में मौका मिला। ग्रामीण परिवेश, सामान्य हिंदी, गणित और सामान्य ज्ञान जैसे विषयों पर आधारित पाठ्यक्रम ने छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा की परीक्षा ली।विशेषकर ‘ग्राम समाज एवं विकास’ का खंड छात्रों के लिए निर्णायक साबित हुआ, क्योंकि इसमें सरकारी योजनाओं और कृषि प्रणालियों की गहरी समझ की आवश्यकता थी।
निष्कर्ष। 7,994 लेखपालों की यह भर्ती उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में मैनपावर की कमी को दूर करेगी। इससे तहसीलों में काम का बोझ कम होगा और आम जनता के भूमि संबंधी विवादों का निपटारा तेजी से हो सकेगा। जो अभ्यर्थी कट-ऑफ सूची में स्थान बनाने में सफल रहे हैं, वे बधाई के पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने प्रदेश की सबसे कठिन प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक को पास किया है।
वहीं, जो छात्र केवल कुछ अंकों से चूक गए हैं, उन्हें निराश होने के बजाय आगामी वैकेंसियों और आयोग द्वारा आयोजित होने वाली अन्य परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।महत्वपूर्ण लिंक और जानकारीअभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी भ्रम से बचने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर ही भरोसा करें।
नोट: यहआर्टिकल UPSSSC. की आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित है।