UP Cabinet Decision: यूपी में परिवार के बीच संपत्ति दान करना हुआ सस्ता, GCC नीति की SOP को भी मिली मंजूरी

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UP Cabinet Decision: यूपी में परिवार के बीच संपत्ति दान करना हुआ सस्ता, GCC नीति की SOP को भी मिली मंजूरी

UP Cabinet Decision उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिए गए ये निर्णय न केवल आम नागरिकों की जेब को राहत देने वाले हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए भी तैयार किए गए हैं।यहाँ इन दोनों बड़े फैसलों का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है:

गिफ्ट डीड’ (दान विलेख) पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट

योगी सरकार ने संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल और सस्ता बनाने के लिए ‘रक्त संबंधी’ छूट योजना को विस्तार दिया है।प्रमुख बिंदु:किसे लाभ मिलेगा: यह लाभ केवल परिवार के करीबी सदस्यों के बीच लागू होगा।

इसमें माता, पिता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधू, दामाद, सगा भाई, सगी बहन, पौत्र और पौत्री शामिल हैं।खर्च में भारी कमी: पहले संपत्ति की बाज़ार दर (Circle Rate) के आधार पर भारी स्टाम्प शुल्क (लगभग 5% से 7%) देना पड़ता था। अब अधिकतम 5,000 रुपये के स्टाम्प पेपर और 1,000 रुपये की प्रोसेसिंग फीस के साथ रजिस्ट्री हो सकेगी।

विवादों का समाधान: संपत्ति के बंटवारे के लिए अक्सर लोग ‘वसीयत’ का सहारा लेते थे जो मृत्यु के बाद प्रभावी होती है और विवाद का कारण बनती है। गिफ्ट डीड के जरिए व्यक्ति अपने जीवनकाल में ही कानूनी रूप से संपत्ति हस्तांतरित कर सकता है।

GCC नीति की SOP (Standard Operating Procedure)ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (Global Capability Centers)। वे केंद्र होते हैं जहाँ बड़ी विदेशी कंपनियाँ (जैसे Google, Microsoft, या बड़े बैंक) अपना काम आउटसोर्स करने के बजाय खुद का ऑफिस खोलकर रिसर्च, डेटा और आईटी का काम करती हैं।

SOP में क्या है खास?

निवेश प्रोत्साहन: जो कंपनियाँ यूपी में अपना GCC खोलेंगी, उन्हें सरकार बिजली शुल्क में छूट, लीज रेंट पर सब्सिडी और भर्ती के लिए प्रोत्साहन (Recruitment Incentive) देगी।

सिंगल विंडो क्लीयरेंस: SOP के जरिए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कंपनियों को लाइसेंस और अनुमति के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।यूपी की ब्रांडिंग: भारत के कुल GCC मार्केट में अभी बेंगलुरु और हैदराबाद का दबदबा है। इस नीति के जरिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ को उस स्तर पर लाने की तैयारी है।

अन्य कैबिनेट फैसले (संक्षेप में)

कैबिनेट ने केवल इन दो पर ही नहीं, बल्कि कुछ और अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है:नगर विकास: कुछ नगर निकायों की सीमाओं के विस्तार को मंजूरी दी गई है ताकि वहां शहरी सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।शिक्षा विभाग: शिक्षकों के स्थानांतरण और स्कूलों में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े प्रस्तावों को गति दी गई है।पर्यटन: अयोध्या और काशी जैसे धार्मिक स्थलों के आसपास बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की योजनाओं पर चर्चा हुई है।

आम जनता के लिए इसका क्या मतलब है?

संपत्ति: यदि आपके पास 50 लाख की संपत्ति है, तो पहले इसे परिवार में ट्रांसफर करने पर 3-4 लाख रुपये खर्च होतमात्र 6,000 रुपये के आसपास होंगे।

रोजगार: GCC नीति आने से यूपी के आईटी प्रोफेशनल्स को अब नौकरी के लिए बेंगलुरु या पुणे जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

एक्सपर्ट नोट”:”इस फैसले से तहसीलों में पारिवारिक विवाद कम होंगे और लोग कानूनी रूप से अपनी संपत्ति का हस्तांतरण आसानी से कर पाएंगे।”

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