मानव संपदा पोर्टल पर पत्नी की संपत्ति का विवरण कैसे भरें? जानें नियम और प्रक्रिया

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मानव संपदा पोर्टल पर पत्नी की संपत्ति का विवरण कैसे भरें? जानें नियम और प्रक्रिया



उत्तर प्रदेश के सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने मानव संपदा (Manav Sampada) पोर्टल पर सभी कर्मचारियों के लिए अपनी अचल संपत्ति (Immovable Property Return – IPR) का विवरण देना अनिवार्य कर दिया है।

अक्सर कर्मचारियों, विशेषकर राजस्व विभाग के साथियों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या पत्नी के नाम की संपत्ति को भी अपने विवरण में दिखाना जरूरी है? यदि हाँ, तो इसके नियम क्या हैं? इस लेख में हम इसी विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

पत्नी की संपत्ति घोषित करना क्यों अनिवार्य है?


उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली के अनुसार, एक सरकारी कर्मचारी को केवल अपनी ही नहीं, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों (पत्नी और आश्रित बच्चों) के नाम पर अर्जित हर छोटी-बड़ी अचल संपत्ति का खुलासा करना होता है।

पारदर्शिता: शासन का मानना है कि कर्मचारी के प्रभाव से परिवार के नाम पर संपत्ति अर्जित की जा सकती है, इसलिए इसका रिकॉर्ड होना आवश्यक है।

पदोन्नति और वेतन: यदि आप समय पर और सही विवरण नहीं भरते हैं, तो आपकी वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (ACR) खराब हो सकती है और प्रमोशन भी रुक सकता है।

किन परिस्थितियों में विवरण देना है?


यहाँ दो मुख्य स्थितियाँ होती हैं:

आश्रित पत्नी: यदि आपकी पत्नी गृहणी हैं और उनकी आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है, तो उनके नाम की हर संपत्ति आपके निवेश की श्रेणी में आएगी।

स्वतंत्र आय वाली पत्नी: यदि आपकी पत्नी नौकरी या व्यवसाय में हैं, तो भी आपको ‘Relationship’ में पत्नी चुनकर उनकी संपत्ति दिखानी चाहिए। बस ‘Source of Acquisition’ में आपको यह स्पष्ट करना होगा कि यह उनकी अपनी आय से खरीदी गई है।

मानव संपदा पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
पोर्टल पर पत्नी की संपत्ति दर्ज करने के लिए इन चरणों का पालन करें:

स्टेप 1 (लॉगिन): अपनी ई-एचआरएमएस (e-HRMS) आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।

स्टेप 2 (प्रॉपर्टी रिटर्न): मेनू में ‘Property Return’ विकल्प पर जाएं और ‘Immovable Property’ (अचल संपत्ति) का चयन करें।

स्टेप 3 (विवरण भरना): * Owner Name: यहाँ ड्रापडाउन से ‘Wife’ चुनें।

Property Detail: संपत्ति का प्रकार (कृषि भूमि, आवासीय भवन या प्लॉट) चुनें।

Location: जिला, तहसील और ग्राम/वार्ड का सटीक विवरण दें। लेखपाल होने के नाते आप गाटा संख्या और रकबा (Area) बिल्कुल सही भरें।

स्टेप 4 (अर्जन का तरीका): यहाँ बताना होगा कि संपत्ति कैसे मिली? (क्रय की गई, विरासत में मिली या उपहार स्वरूप)।

स्टेप 5 (मूल्य): संपत्ति का वर्तमान बाजार मूल्य या सर्किल रेट के आधार पर मूल्यांकन भरें।

चल संपत्ति (Movable Property) का विशेष नियम
अचल संपत्ति के अलावा, भारी चल संपत्ति का विवरण भी देना होता है। यदि आपकी पत्नी ने एक वित्तीय वर्ष में आपके दो महीने के मूल वेतन (Basic Pay) से अधिक मूल्य के गहने, शेयर या म्यूचुअल फंड खरीदे हैं, तो इसकी सूचना विभाग को देना जरूरी है। इसे आमतौर पर ‘Intimation’ के रूप में दिया जाता है।

स्त्रीधन और उपहार का मामला


अक्सर विवाह के समय पत्नी को मायके से संपत्ति या जेवर मिलते हैं। इसे ‘स्त्रीधन’ कहा जाता है। पोर्टल पर इसे दिखाते समय ‘Source’ कॉलम में “Gift from Parents at the time of Marriage” लिखना चाहिए। इससे यह स्पष्ट रहता है कि यह कर्मचारी की आय से अर्जित संपत्ति नहीं है।

गलत जानकारी देने के नुकसान

विभागीय जाँच: यदि पोर्टल पर दी गई जानकारी और आपके आयकर रिटर्न (ITR) में अंतर पाया जाता है, तो विजिलेंस जाँच की नौबत आ सकती है।

अनुशासनात्मक कार्रवाई: गलत या अधूरी जानकारी को “तथ्यों को छुपाना” माना जाता है, जो सेवा नियमावली का उल्लंघन है।


निष्कर्ष
आप जानते हैं कि भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता कितनी महत्वपूर्ण है। ठीक उसी तरह, मानव संपदा पोर्टल पर अपनी और पत्नी की संपत्ति का सही विवरण देना आपके करियर को सुरक्षित और बेदाग रखता है। 31 जनवरी से पहले अपना विवरण अपडेट करना न भूलें।

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